नई दिल्ली, 11 जून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक में उत्तराखंड के समग्र विकास का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए हिमालयी राज्यों के लिए जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी संरक्षण और आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विशेष नीति समर्थन एवं दीर्घकालिक वित्तीय व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की आधारशिला मानव पूंजी है और इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार तथा युवा सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों के आधुनिकीकरण, स्मार्ट क्लास, वर्चुअल क्लासरूम और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
एआई, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा में युवाओं को तैयार करने पर फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस और सेमीकंडक्टर तकनीक जैसे क्षेत्रों में देश के युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए राज्य में देवभूमि उद्यमिता विकास योजना, स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम, उद्योग-अकादमिक सहयोग और आईटीआई संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले वर्षों में 30 से अधिक नई नीतियों के माध्यम से कृषि, उद्योग, पर्यटन, ऊर्जा और सेवा क्षेत्रों को एकीकृत कर विकास का समन्वित मॉडल तैयार किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अर्थव्यवस्था, निवेश, रोजगार और प्रति व्यक्ति आय में दिखाई दे रहे हैं।
प्राकृतिक खेती, वेलनेस और ग्रीन एनर्जी होंगे विकास के नए इंजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक खेती, बागवानी, औषधीय पौधों, योग एवं वेलनेस, पर्यटन और हरित ऊर्जा को भविष्य के विकास इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने राज्य को नॉलेज-बेस्ड इकोनॉमी, वेलनेस इकोनॉमी और सतत विकास के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा कि हिमालय, गंगा, यमुना और राज्य के विशाल वन क्षेत्र केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर हैं। ऐसे में हिमालयी राज्यों के लिए जलवायु परिवर्तन, कार्बन न्यूट्रैलिटी, ग्रीन एनर्जी, पर्वतीय अवसंरचना विकास और आपदा प्रबंधन के लिए विशेष नीति और वित्तीय सहयोग समय की आवश्यकता है।
सुशासन और तकनीकी नवाचार पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि परिवार पहचान योजना, खनन क्षेत्र में डिजिटल निगरानी, भूमि उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया का ऑनलाइन सरलीकरण और महिला सशक्तिकरण से जुड़े सुधारों ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया है। वहीं पीरूल आधारित ऊर्जा उत्पादन जैसे नवाचार पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी मददगार साबित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री को दिया कुंभ और नंदा राजजात यात्रा का निमंत्रण
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार 12 वर्षों के सफल कार्यकाल के लिए बधाई दी और कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक इतिहास में दीर्घकालिक जनादेश प्राप्त कर राष्ट्रसेवा का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री सहित नीति आयोग के सभी सदस्यों को उत्तराखंड में अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेला और नंदा राजजात यात्रा में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के विकास अभियान में पूर्ण ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ योगदान देता रहेगा।

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